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Showing posts from February, 2019
भारतीय वायुसेना के कमीशन अधिकारी पद- वायुसेना का मार्शल विवरण-  भारतीय वायुसेना में, वायुसेना के मार्शल (मार्शल आफ द एयर फोर्स) का पद सर्वोच्च होता है, जिसे एक मानद युद्ध के समय श्रेणी में रखा जाता है। यह पद फाइव स्टार रैंक के रूप में जाना जाता है। कई देशों में यह पद है, लेकिन सभी इसका उपयोग नहीं करते हैं। वायुसेना के मार्शल अर्जन सिंह, डीएफसी, भारतीय वायुसेना के एकमात्र मार्शल थे। पद- एयर चीफ मार्शल विवरण-  यह भारतीय वायुसेना का दूसरा सर्वोच्च तथा फोर स्टार रैंक वाला पद है। केवल एक एयर चीफ मार्शल ही, एयर स्टॉफ के चीफ (सीएएस) का पद संभाल सकता है, जो मुख्य पेशेवर और भारतीय वायुसेना का कमांडर होता है। वर्तमान सीएएस एयर चीफ मार्शल (वायु सेनाध्यक्ष) बीरेंद्र सिंह धनोआ हैं, जिन्होंने 31 दिसंबर 2016 को एयर चीफ मार्शल अरूप राहा की सेवानिवृत्ति के बाद इस पद को संभाला था। पद- एयर मार्शल विवरण-  यह भारतीय वायुसेना का थ्री स्टारीय पद है और उन अधिकारियों के आधीन होता है, जो सामान्य तौर पर गठन के बहुत बड़े पद की नियुक्तियाँ करते हैं। पद- एयर वाइस मार्शल विवरण-  ...
भारत में समाचार पत्रों का इतिहास   यूरोपीय लोगों के भारत में प्रवेश के साथ ही प्रारम्भ होता है। सर्वप्रथम भारत में प्रिंटिग प्रेस लाने का श्रेय पुर्तग़ालियों को दिया जाता है। 1557 ई. में गोवा के कुछ पादरी लोगों ने भारत की पहली पुस्तक छापी। 1684 ई. में अंग्रेज़ ईस्ट इण्डिया कम्पनी ने भी भारत की पहली पुस्तक की छपाई की थी। 1684 ई. में ही कम्पनी ने भारत में प्रथम प्रिंटिग प्रेस (मुद्रणालय) की स्थापना की। प्रथम समाचार पत्र भारत में पहला समाचार पत्र कम्पनी के एक असंतुष्ट सेवक 'विलियम वोल्ट्स' ने 1766 ई. में निकालने का प्रयास किया, लेकिन अपने इस कार्य में वह असफल रहा। इसके बाद भारत में प्रथम समाचार पत्र निकालने का श्रेय 'जेम्स ऑगस्टस हिक्की' को मिला। उसने 1780 ई. में 'बंगाल गजट' का प्रकाशन किया, किन्तु इसमें कम्पनी सरकार की आलोचना की गई थी, जिस कारण उसका प्रेस जब्त कर लिया गया। इस दौरान कुछ अन्य अंग्रेज़ी अख़बारों का प्रकाशन भी हुआ, जैसे- बंगाल में 'कलकत्ता कैरियर', 'एशियाटिक मिरर', 'ओरियंटल स्टार'; मद्रास...