परिवर्तन

                        परिवर्तन

झाड़ू छोड़ो कलम उठाओ, परिवर्तन आ जायेगा ।
शिक्षा को हथियार बनाओ, परिवर्तन आ जायेगा ।।
दारू छोडो ज्ञान बढ़ाओ, परिवर्तन आ जायेगा ।
हर कीमत पर पढ़ो पढ़ाओ, परिवर्तन आ जायेगा ।।
मनुवादी साधू सन्यासी, ढोंगी पाखंडी पंडे ।
जनम-जनम के दुश्मन है ये, मत थांमो इनके झंडे ।।
इनको हमसे काम चाहिए, सन्डे हो या मंडे ।
इनके झांसे में ना आओ, परिवर्तन आ जायेगा ।।
दलित अछूत के बच्चों को, कोई दुलार नहीं करता ।
दलित उज्जवल भविष्य, कोई स्वीकार नहीं करता ।।
दलित महापुरुषो का भी, कोई सम्मान नहीं करता ।
इनके आगे सर ना झुकाओ, परिवर्तन आ जायेगा ।।
कहने को तैतीस करोड़ देवता है, कोई नहीं अपना ।
कोई नहीं चाहता कि, दलित का सच हो सपना ।।
सपना अपना सच करने को, खुद आगे आना होगा ।
बात यही सबको समझाओ, परिवर्तन आ जायेगा ।।
मानवता के धर्म को मानो, कर्म को ही मानो पूजा ।
माता पिता से बढ़के जग में, देव नहीं कोई दूजा ।।
भला चाहते हो तो ऊँची, करलो अपनी सीढ़ी को ।
संसद तक पहुँचाओ, आने वाली पीढ़ी को ।।
खुद अपनी तुम राह बनाओ, परिवर्तन आ जायेगा ।
आज भी गाँवो में देखो, जिन्दा है बस मज़बूरी में ।।
नहीं गुजारा हो पाता है, गाँवो की मजदूरी में ।
अगर हो बाबा साहब के वंशज, थोडा फर्ज निभा देना ।।
अपने शोषित समाज को जगाके, कुछ बाबा का कर्ज चूका देना ।
तुम अपना कर्तव्य निभाओ, परिवर्तन आ जायेगा ।।

जय भीम .. जय भारत

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