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क्या आप जानते हैं कि:-
सन 1819 से पहले किसी शूद्र की शादी होती थी तो ब्राह्मण उसका शुद्धीकरण करके 3 दिन अपने पास रखते थे उसके उपरांत उसको घर भेजते थे इस प्रथा को अंग्रेजों ने 1819 ईस्वी में बंद करवाया ✍✍
✍✍देवदासी प्रथा अंग्रेजों ने ही बंद कराई इस प्रथा में यह होता था कि शूद्र समाज की लडकिया मंदिरों में देवदासी के रूप में रहती थी और उनसे जो बच्चा पैदा होता था उसे हरिजन कहते थे इसीलिए हरिजन एक गाली है ✍✍
✍✍ चरक पूजा अंग्रेजों ने 1863 ईस्वी में बंद कराई इसमें यह होता था कि कोई पुल या भवन बनने पर शूद्रों की बलि दी जाती थी ✍✍
✍✍ नरबलि जोकि शूद्रों की दी जाती थी अंग्रेजों ने इसे रोकने के लिए 1830 में कानून बनाया था ✍✍
✍✍ सन 1919 ईस्वी में अंग्रेजों ने ब्राह्मणों के जज बनने पर रोक लगा दी थी अंग्रेजों ने कहा था कि इनका चरित्र न्यायिक नहीं होता है ✍✍
✍✍ शूद्रों (दलित पिछड़े) को अंग्रेजों ने 1835 ईस्वी में कुर्सी पर बैठने का अधिकार दिया था इससे पहले शूद्र कुर्सी पर नहीं बैठ सकते थे ✍✍
✍✍ शासन व्यवस्था पर ब्राह्मणों का 100 परसेंट कब्जा था अंग्रेजों ने इन्हें 2.5 परसेंट पर लाकर खड़ा कर दिया था ✍✍
सन 1819 से पहले किसी शूद्र की शादी होती थी तो ब्राह्मण उसका शुद्धीकरण करके 3 दिन अपने पास रखते थे उसके उपरांत उसको घर भेजते थे इस प्रथा को अंग्रेजों ने 1819 ईस्वी में बंद करवाया ✍✍
✍✍देवदासी प्रथा अंग्रेजों ने ही बंद कराई इस प्रथा में यह होता था कि शूद्र समाज की लडकिया मंदिरों में देवदासी के रूप में रहती थी और उनसे जो बच्चा पैदा होता था उसे हरिजन कहते थे इसीलिए हरिजन एक गाली है ✍✍
✍✍ चरक पूजा अंग्रेजों ने 1863 ईस्वी में बंद कराई इसमें यह होता था कि कोई पुल या भवन बनने पर शूद्रों की बलि दी जाती थी ✍✍
✍✍ नरबलि जोकि शूद्रों की दी जाती थी अंग्रेजों ने इसे रोकने के लिए 1830 में कानून बनाया था ✍✍
✍✍ सन 1919 ईस्वी में अंग्रेजों ने ब्राह्मणों के जज बनने पर रोक लगा दी थी अंग्रेजों ने कहा था कि इनका चरित्र न्यायिक नहीं होता है ✍✍
✍✍ शूद्रों (दलित पिछड़े) को अंग्रेजों ने 1835 ईस्वी में कुर्सी पर बैठने का अधिकार दिया था इससे पहले शूद्र कुर्सी पर नहीं बैठ सकते थे ✍✍
✍✍ शासन व्यवस्था पर ब्राह्मणों का 100 परसेंट कब्जा था अंग्रेजों ने इन्हें 2.5 परसेंट पर लाकर खड़ा कर दिया था ✍✍
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